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  • ‘इस IPL सीजन की खोज है..’, रिकी पोंटिंग ने इस खिलाड़ी को बताया विश्व क्रिकेट के भविष्य का सुपरस्टार

    Ricky Ponting react on Priyansh Arya: पंजाब किंग्स के कोच रिकी पोंटिंग (Ricky Pontingने उस खिलाड़ी के बारे में बात की है जिसे वो इस आईपीएल सीजन (IPL 2025) की खोज मानते हैं. बता दें कि पंजाब किंग्स की टीम प्लेऑफ में पहुंचने में सफल हो गई है. श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब ने शानदार खेल दिखाया और प्लेऑफ में पहुंची है. ऐसे में पोंटिंग ने पंजाब की इस सफलता पर अपनी राय दी . पोंटिंग ने खासकर युवा बल्लेबाज प्रियांश आर्य (Priyansh Arya) की तारीफ की और बताया कि उन्हें पहले ही यकीन था कि यह खिलाड़ी भविष्य का सुपरस्टार है. पंजाब की सफलता के पीछे पोंटिंग ने प्रियांश आर्य (Ponting on Priyansh Arya)के परफॉर्मेंस को श्रेय दिया है. 

    पोंटिंग ने पहले भविष्यवाणी की थी कि आर्या टूर्नामेंट की खोजों में से एक होगा, यह कथन उन्होंने पंजाब की मुंबई के खिलाफ जीत के बाद फिर से दोहराया है. पोंटिंग ने सोमवार, 26 मई को मुंबई की जीत के बाद कहा, “मैंने कहा था कि शायद चार या पांच गेम में प्रियांश टूर्नामेंट की खोजों में से एक होगा. यह बात सच है. इसपर अब कोई बहस नहीं हो सकती है. वह निडर युवा प्रतिभा, गेंद को देखकर मारता है. वह भविष्य का सुपरस्टार है और इस आईपीएल की सबसे बड़ी खोज है.”

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    आईपीएल 2025 (IPL 2025) में प्रियांश का धमाका

    अपना पहला आईपीएल सीजन खेल रहे, अनकैप्ड भारतीय ओपनर प्रियांश ने 14 मैचों में 30.28 की औसत से 424 रन बनाए हैं. प्रियांश ने इस सीजन में PBKS की सफलता में बहुत बड़ा योगदान दिया है. वह 183.54 की स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं. आर्य ने प्रभसिमरन सिंह के साथ एक शानदार ओपनिंग जोड़ी बनाई और पंजाब को आईपीएल मैचों में धमाकेदार खेल दिखाकर फैन्स का दिल जीत लिया. 

    आईपीएल प्लेऑफ का शेड्यूल (IPL Playoffs schedule 2025)

    मैचटीम vs टीमवेन्यूतारीखसमय
           क्वालिफायर 1-    पंजाब किंग्स Vs रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरुमुल्लांपुर29 मई7:30 PM
    एलिमिनेटरमुंबई इंडियंस vs गुजरात टाइटंसमुल्लांपुर30 मई7:30 PM
    क्वालिफायर 2क्वालिफायर 1 हारने वाली टीम vs एलिमिनेटर विजेता अहमदाबाद1 जून7:30 PM
    आईपीएल 2025 फाइनलक्वालिफायर 1 विजेता vs  क्वालिफायर 2 विजेताअहमदाबाद 3 जून 7:30 PM 
  • हमास चीफ ने नेतन्याहू पर गाजा संघर्ष विराम बातचीत की कोशिशों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया

    दोहा:

    Israel Hamas War: हमास के राजनीतिक प्रमुख इस्माइल हानियेह ने रविवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर गाजा में संघर्ष विराम और बंधकों की अदला-बदली के मकसद से चल रही बातचीत में शामिल मध्यस्थों के प्रयासों को विफल करने का आरोप लगाया.

    कतर में हनियेह ने कहा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू “आक्रामकता जारी रखने, संघर्ष के दायरे का विस्तार करने और विभिन्न मध्यस्थों और पार्टियों के माध्यम से किए गए प्रयासों को खत्म करने के लिए निरंतर नया औचित्य जताना चाहते हैं.”

    कतर, मिस्र और अमेरिका के मध्यस्थों ने करीब सात महीने से जारी विनाशकारी युद्ध को रोकने के लिए नए प्रयासों में शनिवार को काहिरा में हमास प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. युद्ध के खिलाफ दुनिया भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं.

    बातचीत से जुड़े हमास के एक वरिष्ठ सूत्र ने एएफपी को बताया कि रविवार को वार्ता का “नया दौर” होगा. विनाशकारी युद्ध को रोकने की मांग कर रहे वार्ताकारों ने लड़ाई में शुरुआती 40 दिनों के विराम और फिलिस्तीनी कैदियों और बंधकों की अदला-बदली का प्रस्ताव रखा है.

    हनियेह ने कहा कि हमास ने “गंभीरता और सकारात्मकता” के साथ बातचीत की थी. हालांकि उन्होंने सवाल उठाया कि “अगर युद्धविराम इसका पहला परिणाम नहीं है तो समझौते का क्या मतलब है.”

    नेतन्याहू ने खारिज कर दी थी जंग खत्म करने की मांग  

    इससे पहले नेतन्याहू ने युद्ध खत्म करने की हमास की मांग को खारिज कर दिया था. उन्होंने कहा, “इजरायल ऐसी स्थिति को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है जिसमें हमास बटालियन अपने बंकरों से बाहर आएं, गाजा पर फिर से नियंत्रण करें, अपने सैन्य बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण करें और वापस आकर इजरायल के नागरिकों को धमकाएं.”

    मिस्र, कतर और अमेरिका महीनों से इजराइल और हमास के बीच एक समझौते में मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहे हैं.

    कतर में हमास के राजनीतिक कार्यालय के नेता ने कहा कि अमेरिका ने “इस कब्जे के लिए कवर प्रदान किया था, उसे विनाश और विनाश के हथियारों की आपूर्ति करने के बजाय इसे रोकना चाहिए.”

    हनियेह ने कहा कि हमास “चरणों में एक व्यापक और परस्पर समझौते तक पहुंचने, आक्रामकता को समाप्त करने, वापसी सुनिश्चित करने और एक गंभीर कैदी विनिमय समझौते को हासिल करने के लिए उत्सुक है.”

  • टैरिफ, गाजा, ईरान और चीन को चेतावनी… ट्रंप-नेतन्याहू की मुलाकात में क्या हुई बात

    वाशिंगटन डीसी:

    इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान कहा कि वे व्हाइट हाउस में आमंत्रित होने के लिए आभारी हैं. उन्होंने ट्रंप को एक सच्चे सहयोगी के रूप में सराहा जो अपने वादों को पूरा करते हैं. नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल और अमेरिका के बीच व्यापार घाटे को जल्द ही समाप्त किया जाएगा. इसके अलावा, दोनों देश व्यापार बाधाओं को भी दूर करने की योजना बना रहे हैं. नेतन्याहू का मानना है कि इजरायल अन्य देशों के लिए एक मॉडल के रूप में काम कर सकता है जो इसी तरह के कदम उठाना चाहते हैं.

    चीन को ट्रंप की चेतावनी
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान कहा कि वे व्यापारिक सौदों पर फिर से बातचीत करने के इच्छुक हैं. उनका उद्देश्य निष्पक्ष सौदे करना है, जिसमें कुछ मामलों में पर्याप्त टैरिफ शामिल हो सकते हैं. ट्रंप ने चीन के साथ व्यापारिक संबंधों पर भी चर्चा की, जहां उन्होंने 34% अधिक टैरिफ लगाने का आरोप लगाया. ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर चीन ने टैरिफ नहीं हटाया, तो वे  और अधिक टैरिफ लगा सकते हैं.

    36 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज
    ट्रंप ने कहा कि उनका चीन के राष्ट्रपति शी के साथ अच्छा संबंध है. लेकिन वे व्यापारिक मुद्दों पर समझौता नहीं करेंगे. ट्रंप ने कहा कि हम इस पर बस एक ही बार प्रयास करेंगे और कोई अन्य राष्ट्रपति ऐसा नहीं करने जा रहा है. ट्रंप ने अमेरिका के 36 ट्रिलियन डॉलर के कर्ज का उल्लेख किया, जिसे उन्होंने चीन के साथ व्यापारिक संबंधों के कारण बताया. उन्होंने कहा कि वे चीन और अन्य देशों के साथ व्यापारिक संबंधों पर चर्चा करेंगे ताकि निष्पक्ष सौदे सुनिश्चित किए जा सकें.

    इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि स्थायी टैरिफ और बातचीत एक साथ चल सकते हैं. उनका उद्देश्य हर देश के साथ निष्पक्ष और लाभकारी सौदे करना है. अगर ऐसा नहीं होता है, तो अमेरिका उन देशों के साथ संबंध नहीं रखेगा.

    इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में EU बहुत सख्त रहा है. इसका गठन व्यापार में संयुक्त राज्य अमेरिका को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया था. इसका गठन यूरोप के सभी देशों के साथ किया गया था. मेरा अनुमान है कि उनमें से अधिकांश, सभी नहीं, लेकिन उनमें से अधिकांश ने संयुक्त राज्य अमेरिका के व्यापार के खिलाफ एक एकीकृत बल बनाने के लिए एकाधिकार की स्थिति बनाने के लिए एक साथ मिलकर काम किया. यूरोपीय संघ हमारे लिए बहुत बुरा रहा है. वे जापान की तरह हमारी कारें नहीं लेते हैं. वे हमारे कृषि उत्पाद नहीं लेते हैं. वे व्यावहारिक रूप से कुछ भी करते हैं. वे लाखों-करोड़ों कारें अमेरिका में भेज रहे हैं, लेकिन हमारे पास एक भी कार नहीं है जो यूरोपीय संघ या अन्य स्थानों को बेची गई हो.

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि गाजा में हमास द्वारा बंदी बनाए गए और अधिक बंधकों की रिहाई के लिए एक नए समझौते पर चर्चा चल रही है. नेतन्याहू ने ओवल ऑफिस में संवाददाताओं को बताया कि हम एक और समझौते पर काम कर रहे हैं, जिसके सफल होने की हमें उम्मीद है, और हम सभी बंधकों को मुक्त कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

  • इजरायल, इटली, जापान, फ्रांस… पहलगाम हमले पर कई राष्ट्राध्यक्षों ने PM मोदी से की बात, आंतकवाद पर सब साथ

    Pahalgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमलों को लेकर पूरी दुनिया भारत के साथ खड़ी है. कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता दिखाई. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बात की. उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की. उन्होंने इस हमले को बर्बर और अमानवीय करार देते हुए भारत के लोगों और पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दुनिया के अलग-अलग राष्ट्राध्यक्षों द्वारा पीएम मोदी को फोन किए जाने की जानकारी दी.

    नेतन्याहू ने एक-दूसरे के साथ खड़ा रहने का संकल्प दोहराया

    फोन पर हुई बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इस क्रॉस बॉर्डर आतंकवादी हमले की बर्बरता को साझा किया और जोर देते हुए कहा कि भारत इस हमले के दोषियों और उनके आकाओं को न्याय के कटघरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है. दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहयोग की आवश्यकता को दोहराया और इस लड़ाई में एक-दूसरे के साथ खड़े रहने का संकल्प लिया.

    इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने भी पीएम मोदी को किया फोन

    इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की. उन्होंने पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं व्यक्त कीं तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की. उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में इटली का पूरा समर्थन व्यक्त किया. प्रधानमंत्री मोदी ने उनके फोन कॉल और आतंकवाद के खिलाफ समर्थन के स्पष्ट संदेश की सराहना की. भारत और इटली आतंकवाद विरोधी प्रयासों को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों सहित मिलकर काम करना जारी रखेंगे.

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    फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने पीएम मोदी से फोन पर बताई एकजुटता

    रणधीर जायसवाल ने बताया कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन किया. उन्होंने कश्मीर में हुए जघन्य आतंकी हमले में निर्दोष लोगों की नृशंस हत्या पर अपनी व्यक्तिगत संवेदना व्यक्त की. उन्होंने हमले की कड़ी निंदा की और भारत के लोगों के साथ पूर्ण समर्थन और एकजुटता व्यक्त की.

    उन्होंने कहा कि इस तरह की बर्बरता पूरी तरह से अस्वीकार्य है. प्रधानमंत्री ने उनके समर्थन संदेश के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए भारत के दृढ़ संकल्प से अवगत कराया.

    जॉर्डन के किंग ने भी PM मोदी से की बात

    इसके साथ ही जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने भी प्रधानमंत्री मोदी से फोन पर बात की. उन्होंने इस जघन्य आतंकी हमले की कड़ी निंदा की. उन्होंने निर्दोष लोगों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की.

    उन्होंने कहा कि आतंकवाद को उसके सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में खारिज किया जाना चाहिए और इसे किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता. प्रधानमंत्री मोदी ने अब्दुल्ला द्वितीय को उनके एकजुटता के संदेश के लिए धन्यवाद दिया और इस जघन्य हमले के पीछे आतंकवादियों और लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की भारत के लोगों की भावनाओं को साझा किया.

    जापान के PM बोले- आतंकवाद मानवता के लिए गंभीर खतरा

    वहीं, जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने भी प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया और जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले में लोगों की मौत पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की.

    उन्होंने कहा कि आतंकवाद को उचित नहीं ठहराया जा सकता. दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद मानवता के लिए एक गंभीर खतरा है. लोकतंत्र में विश्वास रखने वालों को आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में एकजुट होना चाहिए. प्रधानमंत्री मोदी ने सीमा पार से हुए आतंकी हमले का आकलन साझा किया और इससे दृढ़ता और निर्णायक रूप से निपटने के भारत के संकल्प को साझा किया.

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